किन्तु आज के रावण को क्या रोक सके लक्ष्मण रेखा । आज धरा की हर सीता की सुन लो राजा राम पुकार । एक... किन्तु आज के रावण को क्या रोक सके लक्ष्मण रेखा । आज धरा की हर सीता की सुन लो ...
न जाने क्यूं ,बेज़ुबान घुँघरू की बोली हमें कुछ जता रही थी। न जाने क्यूं ,बेज़ुबान घुँघरू की बोली हमें कुछ जता रही थी।
नदिया के बीच तुम्हारी बहनों के बड़े-बड़े मगरमच्छों के परिवार है! नदिया के बीच तुम्हारी बहनों के बड़े-बड़े मगरमच्छों के परिवार है!
बहुत से लोग इन्हें समझते हैं एक समस्या लेकिन यह तो कर रहे होते हैं बड़ी ही तपस्या। बहुत से लोग इन्हें समझते हैं एक समस्या लेकिन यह तो कर रहे होते हैं बड़ी ही तपस...
रो-रो कर पुकार रहा हूं, मत नाता तोड़ो धरती से हम सबका। रो-रो कर पुकार रहा हूं, मत नाता तोड़ो धरती से हम सबका।
प्रकृति की धानी चुनर को ओढ़ धरा यूं खिली हुई है सूरज की किरणों के संग में लालिमा ज् प्रकृति की धानी चुनर को ओढ़ धरा यूं खिली हुई है सूरज की किरणों के संग में...